Skip to main content

कैसे 12वी पास व्यक्ति ने कमाए 1,56,000 करोड़ रुपये?

Radhakishan damani कैसे बने भारत के दुसरे अमीर व्यक्ति? 
कैसे 12वी पास व्यक्ति ने कमाए 1,56,000 करोड़ रुपये?
Radhakishan Damani

दोस्तों आज हम बात करेंगे billionaire राधाकिशन दमानी  की यह एक सक्सेसफुल इन्वेस्टर रह चुके हैं और आज हम आपको बताएंगे उन्होंने इतनी सफलता कैसे प्राप्त की और उसके लिए उन्होंने कितने मेहनत की है तो चलिए शुरू करते हैं

• Mr. Damani पहले क्या करते थे? 

Stock market investor बनने से पहले मिस्टर दमानी बॉल बेयरिंग का एक छोटा सा बिजनेस करते थे शुरुआती दिनों में उन्होंने ट्रेडिंग करके MNC कंपनी में इन्वेस्ट करके प्रॉफिट बनाया था

• Harshat mehta Scam से Mr.Damani ने कैसे मुनाफा कमाया? 

90s के दौर में हर्षद मेहता स्टॉक मार्केट हेरफेर कर रहा था उस दौरान उन्होंने शॉर्ट सेलिंग करके प्रॉफिट बनाया हर्षत मेहता स्कैम में हमने देखा था उन्होंने बैंक के पैसों का उपयोग स्टॉक मार्केट में हेरफेर करने के लिए किया था हर्षत मेहता ने कुछ स्टॉक भारी मात्रा में खरीदारी करके उन्हें ऊंची प्राइस लेवल पर पहुंचा दिया था हर्षद ने ACC का स्टॉक कुछ ही महीनों के अंदर ₹200 से सीधा 9000 तक पहुंचा दिया था स्टॉक के फंडामेंटल्स उनकी लगातार बढ़ती हुई प्राइजेस को बिल्कुल भी जस्टिफाई नहीं कर रहे थे फंडामेंटल्स में कुछ खास चीज ना होने के बावजूद भी उस stock की प्राइस लगातार आसमान छू रही थी इतने ज्यादा वैल्यूएशन पर ट्रेड करते हुए देखकर मिस्टर दमानी हैरान रह गए थे उनको अच्छे से पता था कि हरसत हेराफेरी कर रहा है और इतने हाई वैल्यू  stocks ज्यादा देर नहीं रुकेंगे और जैसे ही हर्षत मेहता के फंड खत्म हो जाएंगे उसके बाद वह स्टॉक गिर जाएंगे तो जींस स्टॉक को हर्षत मेहता हेराफेरी कर रहा था उन स्टॉक में mr. Damani ने शॉर्ट सेलिंग करना शुरू कर दिया था हर्षद इन स्टॉक्स को लगातार खरीदते जा रहा था वहीं दूसरी और मिस्टर दमानी उम्र स्टॉक्स में लगातार शॉर्ट सेलिंग कर रहे थे लेकिन मिस्टर राधाकिशन दमानी को हर्षत की फंडिंग के बारे में पता नहीं था इतना सारा फंड कहां से ला रहे थे इसकी उनको कोई भी भनक नहीं थी हर्षत कंटीन्यू बैंक से फ़ड ला रहा था और उन स्टॉक्स में भारी मात्रा में खरीदारी कर रहा था जिससे उन स्टॉक्स की प्राइस लगातार ऊपर जा रही थी और नीचे आने का नाम ही नहीं ले रही थी जिसके कारण मिस्टर दमानी को एक दो बार बड़े लॉसेस भी हुए थे लेकिन जब हर्षत मेहता scam exposed हुआ था तो वह  stocks भारी मात्रा में गिरे थे और मिस्टर दमानी को बहुत सारा प्रॉफिट हुआ था इसके बाद उनका net worth काफी बढ़ गया था और इसी तरह उनकी एक सफलता यहां से शुरू हुई

• Mr. Radhakishan Damani के गुरु कौन थे? 

Radhakishan Damani के गुरु वैल्यू इन्वेस्टर Mr. Chandrakant Sampat  जिन्होने वैल्यू इन्वेस्टिंग को फॉलो करके सफलता हासिल किया है, इनसे प्रभावित होकर मिस्टर राधाकिशन दमानी ने value ingesting को फॉलो करके लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के तरफ अपना ध्यान बढ़ाया और इन्हीं को वह अपने गुरु मानते हैं और इन्हीं से सीख कर उन्होंने इतनी सफलता पाई है, value investing को फॉलो करके मिस्टर दमानी मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक जब भी बॉटम आउट हो जाते हैं यानी बहुत सस्ते वैल्यूएशन पर उपलब्ध होते हैं तब उन्हें खरीद लेते हैं और पेशेंस रखकर स्टॉक्स को लंबी अवधि के लिए होल्ड करते हैं अभी कुछ उदाहरणों की बात की जाए तो उन्होंने GATI और TCT companies में 2014 में इन्वेस्ट किए थे जब यह दोनों स्टॉक फंडामेंटली मजबूत थे और पूरी तरह से बॉटम आफ थे, और इन दोनों स्टॉक्स में उन्होंने बहुत अच्छे रिटर्न्स कमाए हैं मिस्टर दमानी ने अपना ज्यादातर प्रॉफिट लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट से कमाया है लेकिन जब भी उन्हें कोई शॉर्ट टर्म सेलिंग के ऊपर चुनौती मिलती है तब वह जरूर ट्रेडिंग करते हैं, Mr. Damani ने VST industries  के बहुत सारे शेयर साल 2000 में लगभग 85रूपीस का एवरेज प्राइस पर खरीदे थे और अब उस शेर की कीमत rs3600 से भी ज्यादा है, HDFC Bank, GATI, Blue dart, Sundaram finance, Gillette, india cement etc  इन जैसे कई स्टॉक में उन्हें कई गुना returns   मिले हैं वह अपने long term investment को आज से 10 साल के लिए होल्ड करना पसंद करते हैं

• D-Mart की कहानी

Mr. Damani को पहले से ही कंज्यूमर बिजनेस में काफी दिलचस्पी थी और कंज्यूमर कंपनी में उन्होंने इन्वेस्ट भी किया था, d-mart शुरू करने से पहले उन्होंने नवी मुंबई के नेरुल में cooperative store से अपना बाजार की फ्रेंचाइजी ली थी उस फ्रेंचाइजी में उन्हें रिटेल बिजनेस के बारे में बहुत सारी चीजें सीखने मिली फिर 2002 में उन्होंने रिटेल चेन d-mart की स्थापना की चाहे बिजनेस हो या इन्वेस्टिंग मिस्टर दमानी लॉन्ग टर्म के बारे में सोचते हैं, 2001-2002 में रियल स्टेट के भाव काफी गिर चुके थे जिसका  Mr.Damani ने पूरा फायदा उठाया उन्होंने तभी से d-mart की अलग-अलग लोकेशन में प्रॉपर्टी खरीदना शुरू कर दिया उन्होंने उस टाइम कुछ प्रॉपर्टी Thane और नवी मुंबई के आउटसाइड एरिया में खरीदे थे जहां प्रॉपर्टीज के रेट काफी कम है यह सोच कर कि आगे चलकर जब Thane और नवी मुंबई का आविष्कार होगा तभी प्रॉपर्टीज main एरियाज में आ जाएगी और आज वह d-mart main और पॉपुलर एरिया में है, लोकेशन का खतरा भी टल गया और कॉस्ट भी बढ़ गया और Mr. Damani की सोच को D-Mart को बहुत फायदा हुआ है,D-Mart  का कोई भी stores मॉल में नहीं है और ज्यादातर स्टोर्स उनके खुद के हैं इससे उनकी कॉस्ट कम हो जाती है जिससे कस्टमर को वह और भी डिस्काउंट दे पाते हैं बिजनेस और इन्वेस्टिंग दोनों जगह मिस्टर दमानी अपनी फिलॉसफी फॉलो करते हैं उस पर लोग क्या कहते हैं इससे वह बिल्कुल महत्व नहीं देते हैं जब भी रिटेलर एक्सपेंशन  की बात करते हैं तभी मिस्टर दमानी ने अपनी फिलॉसफी को फॉलो करते हुए d-mart के एक्सपेंशन के बजाय प्रॉफिटेबिलिटी पर ध्यान दिया और उसके बाद उन्होंने d-mart का बहुत तेजी से एक्सपेंशन करना शुरू किया डी मार्ट के पहले 9 सालों में यानी 2011 तक से 25 stores थे और आज पिछले पांच-छह सालों में उन्होंने रैपिड एक्सपेंशन करते हुए 100 से भी ज्यादा स्टोर खोलिए हैं अगर उनके पास नए स्टोर खोलने के लिए भी होता है तो जब तक वह sure नहीं हो जाते कि नया store खुले हुए store जितना नहीं चलेगा तब तक वह नया स्टोर नहीं खोलते हैं और यही कारण है कि d-mart का एक भी store बंद नहीं हुआ है जब ई-कॉमर्स का ट्रेंड शुरू हुआ था तो रिटेल एक्सपर्ट उन्हें ई-कॉमर्स में जाने के लिए राय दे रहे थे लेकिन मिस्टर दमानी में अपना मॉडल परी ध्यान दिया और उससे और अच्छा बनाने की कोशिश में लगे रहे और रिजल्ट तो आप लोग देख ही सकते हैं आज डी- मार्ट इंडिया की मोस्ट प्रॉफिटेबल रिटेल कंपनी है बस वैसे ही 1995 में  मिस्टर दमानी एचडीएफसी बैंक में shareholders थे तब कुछ इन्वेस्टर ने उनसे पूछा था कि मार्केट में बहुत सारे बैंक में स्टॉक और दूसरे स्टॉक सस्ते वैल्यूएशन पर उपलब्ध है तो फिर आप यही स्टॉक में क्यों invest कर रहे हैं कुछ सालों बाद HDFC मल्टीबैगर बन गया तब इन सवालों का जवाब मिल गया इस तरह Mr.Damani हमेशा आगे बढ़ते रहे हैं और कामयाबी हासिल करते रहे

Mr. Radhakishan Damani से जुड़ी कुछ जरूरी बातें

• तो दोस्तों मैं आपको बता दूं कि मिस्टर damani well-educated भी नहीं है और ना ही वेल एजुकेटेड परिवार से बिलॉन्ग करते हैं फिर भी उन्होंने इतनी कामयाबी हासिल की है अपनी जिंदगी में तो यह आप लोगों के लिए उनसे कुछ सीखने वाली बात है

• उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से बीकॉम फर्स्ट ईयर की एग्जाम देकर फिर आगे नहीं पढ़ा था यानी कि कॉलेज बीच में ही ड्रॉप आउट कर दिए थे कोई फॉर्मल डिग्री नहीं रहने के बाद भी आज इंडिया के सबसे कामयाब इन्वेस्टर में से एक हैं और इंडिया के टॉप Interpenur है और वह यह साबित करके दिखाए हैं कि सक्सेसफुल होने के लिए आपको डिग्री की जरूरत नहीं होती है मेहनत और लगन की जरूरत होती है

• वह अपनी गलतियों को जल्द स्वीकार लेते हैं यह भी कामयाब होने की एक निशानी हैं

• Mr. Damani  बहुत ही सिंपल रहना पसंद करते हैं वह हमेशा white shirt- white pant पहनते हैं इसीलिए उन्हें सब Mr white & white कहते हैं

• Mr. Damani media और public event  दूर रहना पसंद करते हैं  वह इतनी खामोशी से काम करते हैं कि उनकी सफलता शोर मचा देती है आप इनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं जो शायद कोई किताब या कोई इंसान नहीं सिखा सकता

• वह पैसा दान करने समय अपना नाम नहीं आने देते यह भी उनकी एक खास बात है

• Mr. Rakesh Jhunjhunwala जो कि भारत के एक कामयाब इन्वेस्टर हैं वह कहते हैं मेरे पिताजी और मिस्टर दमानी मुझ समझाने के लिए वहां नहीं होते तो आज मैं इतना कामयाब नहीं हो पाता, AP TECH LTD, CRISIL LTD.  जैसे कुछ कंपनी में Mr. Damani और Mr. Jhunjhunwala दोनों के इन्वेस्टमेंट है 

तो दोस्तों उम्मीद है कि आपको Radhakishan damani कैसे बने भारत के दूसरे अमीर व्यक्ति ? के इस लेख से कुछ अच्छा सीखने मिला होगा तो आगे शेयर कीजिए ताकि और कुछ लोग जान सके उनके बारे में

Comments

Popular posts from this blog

Fundamental Analysis क्या है और कैसे सिखे?

Fundamental Analysis कैसे सिखे? Fundamental analysis आज हम जानेंगे कि Fundamental Analysis क्या है ? और कैसे काम करता है ? तो चलिए शुरू करते हैं। • Fundamental analysis आसान भाषा में बताऊं तो Fundamental Analysis का मतलब होता है किसी बिजनेस को समझना और उसे परखना,देखिए इन्वेस्टमेंट और बिजनेस दोनों एक दूसरे से पूरी तरह जुड़े हैं, इन्वेस्टिंग करते वक्त आपको इन्वेस्टिंग के तरीके  के साथ-साथ बिजनेस के तरीके से भी सोचना पड़ता है और ऐसे ही बिजनेस के तरीके के साथ-साथ आपको इन्वेस्टिंग के तरीके से भी सोचना होता है तो fundamental analysis करते वक्त आपको दोनों तरीके से सोचना होता हैं। •  Fundamental Analysis सीखने के लिए - • आपको Financial statement और Financial ratio का Analysis और valuation करना शिखना परेगा। • आपको competitive advantage,business strategy और management analysis भी आना चाहिए। • Fundamental analysis दो तरह के होते हैं - 1.Qualitative Analysis 2.Quantitative Analysis • Qualitative Analysis में Management,business strategy,competitive advantage यह...

Where to open demat account? (डीमैट खाता कहाँ खोले?)

डीमैट खाता कहाँ खोले?(where to open Demate Account?)  where to open Demat account?  दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि आप डीमैट अकाउंट कहां खोलें और उसे खोलने के लिए आपको किस किस चीज की जरूरत पड़ सकती है तो देखिए डीमेट अकाउंट खोलने के लिए बहुत सारे ऑप्शन होते हैं जैसे बहुत सारे इंस्टिट्यूट है, बहुत सारे बैंक्स है, और बैंक के साथ दिक्कत यह है कि वह लोग ब्रोकरेज चार्जेस बहुत ज्यादा लेते हैं इसलिए बहुत सारे ब्रोकर अवेलेबल है जिसे आप यह अकाउंट खुलवा सकते हैं उनके ब्रोकरेज चार्जेस बहुत कम होते हैं बैंक के प्रति, और इनके अलावा कुछ डिस्काउंट ब्रोकर भी अवेलेबल है जो फिक्स अमाउंट के अंदर सौदा करने की सुविधा देते हैं तो आप कहीं भी खुलवा सकते हैं अपनी सुविधा देकर बस मैं आपको जानकारी दे रहा हूं। Difference between full service brokerage or discount brokerage (पूर्ण सेवा ब्रोकरेज या डिस्काउंट ब्रोकरेज के बीच अंतर) देखिए दोस्तों इन दोनों ब्रोकरेज में कुछ ज्यादा अंतर नहीं है, दोनों ही NSE और BSE  पर रजिस्टर्ड होता है, दोनों के सौदा NSE या BSE में जाते हैं, मैं आप...

जानिए stock split,consolidation,dividend,face value or bonus shares क्या होते हैं?

stock split,consolidation,dividend,face value or bonus shares क्या होते हैं? Stock split • Stock split   Stock split में stock को split यानी कि विभाजित किया जाता है जिससे कम्पनी के number of shares बढ़ जाते हैं और शेयर प्राइस कम हो जाती है, आप उदाहरण से समझिए कि एक ABC नाम की कंपनी है जिसकी शेयर प्राइस है ₹1000 और आपके पास ABC के 100 शेयर है तो अब अगर यह कंपनी 2:1 स्टॉक स्प्लिट घोषित करती है तो इसका मतलब है कि सारे शेयर्स 2 शेयर्स में स्प्लिट हो जाएंगे तो अब आपके शेयर 100 से 200 हो जाएंगे और शेयर प्राइस उसी रेशियो में कम हो जाएगी यानी कि आधी हो जाएगी तो स्टॉक स्प्लिट के बाद भी आपकी इनवेस्टमेंट इतनी है बस नंबर ऑफ शेयर और शेयर की प्राइस चेंज हो जाएगी। स्टॉक स्प्लिट का मोटिव यही रहता है कि इसके जरिए शेयर की प्राइस कम कर के कम्पनी के शेयर ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए सस्ते किए जाएं ताकि  small investors भी उसको खरीद सके और शेयर की liquidity बढ़ सके, सारे कंपनी stock split नहीं करती। • consolidation consolidation stock split का उल्टा होता है इससे reverse st...