Mutual Fund में आप कैसे कर सकते हैं निवेश?
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| What is mutual fund ? |
फंड मतलब कि लोगों से इकट्ठा किया हुआ पैसा Mutual Fund एक फंड है जहां लोगों से पैसा इकट्ठा किया जाता है, जो कंपनी फंड को मैनेज करती है उसे Asset Management Company कहा जाता है।
हर Mutual Fund स्कीम के लिए फंड मैनेजर अपॉइंट करती है वह मैनेजर Mutual Fund स्कीम के goals और objective है उनके अनुसार लोगों के पैसे इन्वेस्ट करते हैं और उस इन्वेस्टमेंट से जो प्रॉफिट आता है वो उनके बीच बांट दिया जाता है, उस फंड को मैनेज करने के लिए Asset management फीस चार्ज करती है जिससे Expense Ratio कहते हैं।
• Mutual Fund में इन्वेस्ट करने के 2 तरीके होते हैं-
1.LUMP-SUM
2.SIP
LUMP-SUM investment मतलब एक साथ अपना पैसा इन्वेस्ट करना।
SIP मतलब systematic investment प्लान जो हर महीने या हर क्वार्टर में कोई स्पेसिफिक अमाउंट रेगुलर इनवेस्ट करते रहना।
• Mutual Fund 3 तरह के होते हैं-
•Equity
•Debt
•Hybrid
Equity fund उसे कहते हैं जो स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं इसमें Risk Factor बहुत ज्यादा होता है Equity Fund भी अलग-अलग तरह के होते हैं जैसे-
1.Large Cap Fund
2.Mid Cap Fund
3.Small Cap Fund
4.Sector Fund
5.Diversified Equity Fund
6.Dividend yield Schemes
7.ELSS(Equity linked saving scheme)
8.Thematic Fund
Large Cap Fund जाने से पहले Market Capitalization को जानते हैं।
Market capitalization से हमें कंपनी की साइज पता चलती है यानी कि कंपनी बड़ी है या छोटी, इसके अनुसार कंपनी तीन कैटेगरी में बांटी जाती है लार्ज कैप कंपनी, मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनी, आम तौर से जिस कंपनी का मार्केट केपीटलाइजेशन 5000 करोड़ से नीचे का है उसे स्मॉल कैप कंपनी कहा जाता है जिस कंपनी का केपीटलाइजेशन 5000 से 100000 करोड़ की बीच हैं उसे मिड कैप कंपनी का जाता है और जिस कंपनी का केपीटलाइजेशन 100000 करोड़ से ज्यादा है उसे लार्ज कैप कंपनी कहा जाता है।
आप समझ गए होंगे कि लार्ज कैप, मिडकैप और स्मॉलकैप क्या होता है।
Equity mutual fund का अगला है टाइप है Sector Fund इसका मतलब है वह फंड जो किसी स्पेसिफिक सेक्टर फंड में इन्वेस्ट करते हैं उदाहरण से समझिए Reliance media and entertainment जो सिर्फ media and entertainment सेक्टर में ही इन्वेस्ट करते हैं। SBI PHARMA Fund जो सिर्फ Pharma सेक्टर में ही इन्वेस्ट करते हैं।
Diversified Equity Fund मतलब वह फंड जो अलग-अलग सेक्टर की अलग-अलग मार्केट केपीटलाइजेशन में इन्वेस्ट करते हैं।
Dividend Yield Fund यह फंड का मतलब है कंपनी अपनेेे प्रॉफिट का कुछ हिस्सा शेयर होल्डर के साथ शेयर करती है उसे Dividend yield fund कहते हैं dividend देना कंपनी के लिए कंपलसरी नहीं होता है,यह देना है कि नहीं यह कंपनी के boards of director तय करते हैं, यह फ़ड उस कंपनी में इन्वेस्ट करते हैंं जोजो stable, safe, consistent, or low volatile होती है और अच्छा रेगुलर डिविडेंड देती हैैं।
ELSS एक tax saver fund स्कीम है इसमें जो आप इन्वेस्टमेंट करते हैं वह 3 साल के लिए लॉक हो जाती है तो इसमें आप 3 साल से कम के लिए इन्वेस्ट नहीं कर सकते हैं सेक्शन 80c से एल स्कीम मैं आपको 1.5 लाख तक इनकम टैक्स से छूट मिल सकती है।
Thematic Fund themes मैं इन्वेस्ट करते हैं जैसे कि India rural theme or e-commerce theme etc, उदाहरण के लिए समझिए HDFC (HOUSING OPPORTUNITIES FUND) एक थीम फंड है जो हाउसिंग से जुड़े स्टॉक खरीदा है जैसे कि cement,paint etc.
Debt Fund
जो फंड Debt instrument यानी कि debentures, bond, certificate of deposit etc, इनमें इन्वेस्ट करते हैं उसे debt fund कहते हैं इसमें equity fund से रिस्क और प्रॉफिट दोनों कम होते हैं Debt instrument के जरिए गवर्नमेंट या कंपनी उधार लेती है और फिर इंटरेस्ट के साथ पैसा रिटर्न करतीं हैं।
• मूल रूप से 4 तरह के हैं debt fund होते हैं-
1.Gilt Fund
2.Junk Bond Schemes
3.Fixed Maturity Plans
4.Liquid Schemes
•Gilt Fund
जो debt fund सिर्फ government securities में इन्वेस्ट करते हैं उसे Gilt Fund कहते हैं , government securities government issue करती है इसलिए डिफॉल्ट रिस्क जीरो होती है शॉट टर्म और लांग टर्म ऐसे दोनों टाइप के गिल्ट फंड होते हैं।
•Junk Bond Schemes
जंक का मतलब कचड़ा जैसे कि नाम से ही पता चल रहा है जंक बॉन्ड में डिफॉल्ट रिस्क ज्यादा रहता है पर प्रॉफिट भी ज्यादा मिलता है जो debt fund में इन्वेस्ट करते हैं उसे जंक बॉन्ड स्कीम कहते हैं।
• Fixed maturity plans
यह प्लांस भी बैंक एफडी की तरह fixed maturity होती है यह प्लान मूल रूप से certificate of deposit,commercial papers or corporate bonds इनमें इन्वेस्ट करते हैं यह प्लान के रिटर्न ज्यादातर बैंक एफडी से अच्छे होते हैं।
• Liquid schemes
यह फंड एक debt fund है money market instrument में इन्वेस्ट करता है मनी मार्केट में वह फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट आते हैं जिनके जरिए कंपनी शॉर्ट टर्म के लिए इन्वेस्टर से पैसे लेती है लिक्विड फंड बहुत शॉर्ट मैच्योरिटी वाले मनी मार्केट में इन्वेस्ट करती है जैसे कि certificate of deposit,treasury bills,commercial papers or term deposit.
liquid fund बचत खाता से ज्यादा रिटर्न देती है, इसमें रिस्क भी बहुत कम होता है और वह बहुत low volatile रहते हैं इसलिए यह शॉर्ट टर्म के लिए बेस्ट ऑप्शन है आप कभी भी इसे पैसे निकाल भी सकते हो।
Hybrid Fund
Hybrid fund मतलब वह फंड जो एक से ज्यादा ऐसेट क्लासेस में इन्वेस्ट करते हैं यह फंड debt और equity दोनों में ही इन्वेस्ट करते हैं।
Hybrid fund भी 3 तरह के होते हैं monthly income plan,balanced fund,Arbitrage Fund.
MIP मैं 60% to 80% debt instrument मैं इन्वेस्ट करते हैं और बाकी equities में इन्वेस्ट किए जाते हैं,MIP मैं ज्यादातर debt instrument मैं इन्वेस्ट किए जाते हैं इसलिए यह equities से ज्यादा सेफ होता है पर इसका मतलब यह नहीं है कि यह risk-free और fixed return scheme है इसका कुछ हिस्सा equity में भी इन्वेस्ट किया जाता है इसलिए इसमें रिस्क भी रहता है पर कम रहता हैं।
Balanced Fund का 65 % to 85% equities मैं इन्वेस्ट किया जाता है और बाकी debt में, यहां पर equity अच्छे रिटर्न लाने में मदद करती है और debt risk कम करने में मदद करता हैं।
Arbitrage Fund को आप ऐसे समझिए कि अगर किसी स्टॉक की प्राइस cash market में और derivative market में अलग अलग है तो Arbitraging करके इस डिफरेंस से प्रॉफिट कमाया जाता है इसमें 65% से ज्यादा हिस्सा equity में इन्वेस्ट किया जाता है इसमें आप जो पैसा इनवेस्ट करते हैं वह शेफ रहता है पर रिटर्न कम ज्यादा हो सकता है इसके रिटर्न आमतौर पर 6 to 10% होते हैं।
• इसमें से भी दो तरह के mutual funds होते हैं-
1.Open Ended Funds
2.Close Ended Funds
Open Ended Funds का फायदा यह है कि आप इसको किसी भी समय खरीद या बेच सकते हैं।
Close Ended Funds जो होते हैं वह आपको मैच्योरिटी तक रखना ही पड़ता है मतलब इसको आप बीच में बेच नहीं सकते हैं।
तो दोस्तों open ended funds का फायदा यही है कि इसको आप जरूरत पर भेज सकते हो और अगर आपको लग रहा है कि इसमें प्रॉफिट नहीं हो रहा है तो आप अपने पैसे को ले सकते हो वापिस।
और दोस्तों एक जरूरी बात अगर आप नए हैं तो बात आती है कि स्टार्ट कहां से करें तो आप यहां पर SIP यानी कि मैंने पहले भी बताया है systematic investment plan को चून सकते हैं और ₹1000 महीने से स्टार्ट कर सकते हैं और दोस्तो इन्वेस्ट करने से पहले आप कंपनी के prospectus पढ़ लीजिए उस से आपको और जानकारी मिल जाएगी।
Mutual Fund से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी-
• आप अपनी कंपनी से पूछ सकते हैं कि इस इन्वेस्टमेंट का गोल क्या है यानी कि इस फंड में long term इन्वेस्टमेंट करना अच्छा रहेगा या short term.
• आपको पता करना है कि आप के फंड का रिस्क फैक्टर कितना हैं।
• आपको इनवेस्टमेंट करने से पहले उस फंड की हिस्ट्री चेक करनी होगी यानी कि track history की पास्ट में इस फंड में कितनी ग्रोथ हुई हैं।
• आपको उस फंड के मैनेजर के बारे में भी पता करना चाहिए कि उसको कितना एक्सपीरियंस हैं।
• आपको इन्वेस्टमेंट करने से पहले यह भी पर चेक करना है कि कितने % फीस लगेगी और जो इन्वेस्टमेंट के रिटर्न्स होंगे उस पर टैक्स कितना लगेगा।
तो दोस्तों यह सब चीजें हैं जो आपको इन्वेस्टमेंट करने से पहले पता कर लेनी चाहिए तो उम्मीद करते हैं आप लोगों को what is mutual fund समझ आ गया होगा अगर कोई दिक्कत या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करें।

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